वक़्फ क्या है?"" "" "" "" **वक़्फ अरबी

वक़्फ क्या है?
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वक़्फ अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है रोक देना या बंदी बना लेना

इस्लाम में वक़्फ कहते हैं किसी चीज़ को अपनी मिल्कियत से खारिज कर (निकाल कर) उसे अल्लाह की मिल्कियत में दे देना इस तरह कि उस का फायदा अल्लाह के बंदों को मिलता रहे

वक़्फ की सूरत में चीज़ की असल को रोक देते हैं न उसे बेच सकते हैं न गिफ्ट कर सकते हैं और न ही वह चीज़ वारिसों में तकसीम होगी सिर्फ़ उस के फायदे को वक़्फ करने वाले की मर्जी के मुताबिक खर्च किया जाएगा

वक़्फ चल व अचल दोनों तरह की संपत्तियों में हो सकता है जैसे जमीन कुआं बाग किताबें कारखाने फेक्ट्रीज आदि

सदका और वक़्फ में अंतर यह है कि आप जिसे कोई चीज़ सदका देते हैं उस का उसे पूरा मालिक बना देते हैं चाहे वह इस्तेमाल करे या बेचे लेकिन वक़्फ की हुई चीज़ बेची नहीं जा सकती और न ही कोई शख्स उस का मालिक होगा असल को बाक़ी रखा जाएगा और नफा को इस्तेमाल किया जाएगा

इस्लाम में वक़्फ की बड़ी अहमियत है हज़रत जाबिर बिन अब्दुल्लाह ने कहा है कि सहाबा किराम में ऐसा कोई नहीं था जिसे अल्लाह ने माल व दौलत में मजबूती दी हो और उस ने वक्फ न किया हो

अल्लाह के रसूल सल्ललाहू अलैहे वसल्लम ने मदीना हिजरत की वहां कुबा और मस्जिदे नबवी बनवाई यह दोनों इस्लाम के पहले वक्फ माने जाते हैं

यह जान कर ताज्जुब होगा कि मस्जिदों के इलावा इस्लाम में सबसे पहला वक़्फ मदीना के एक यहूदी रब्बी ने किया था उन का नाम मुखैरीक़ था गज़वा उहद के मौके पर उन्होंने अपनी कौम से कहा कि यह हमारे शहर पर आक्रमण है हमें मोहम्मद (सल्ललाहू अलैहे वसल्लम) का साथ देना चाहिए लेकिन उन की कौम के लोगों ने बहाना कर दिया इस पर वह खुद शरीक हुए और लड़ते हुए कत्ल कर दिए गए

वह काफी मालदार थे जंग में जाने से पहले उन्होंने वसीयत कर दी थी कि अगर मुझे कुछ हो जाता है तो मेरे धन में से सात बगीचे मोहम्मद (सल्ललाहू अलैहे वसल्लम) को दे देना बहरहाल जंग के बाद वह सातों बगीचे मुसलमानों को मिल गए

वाक़दी समेत कई इतिहासकारों का मानना है कि मुखैरीक़ मुसलमान हो गए थे बस वह अपने इस्लाम को छिपाए हुए थे

शुरू में वक़्फ प्रापर्टीज के लिए कोई विभाग अलग से नहीं था बनू उमैया के जमाने में बसरा शहर के काजी थे नाम था तौबा बिन नम्रि उन्होंने अपनी ही अदालत में कुछ लोगों को खास किया कि बसरा शहर की वक्फ प्रापर्टीज का देखभाल करें उस समय के खलीफा को पता चला उन्होंने इसे पसंद किया और हर अदालत में एक विभाग बना दिया जिस का काम वक्फ की देखभाल था

बनू अब्बास की जब खिलाफत आई उन्होंने वक्फ के लिए अलग से मंत्री मुकर्रर करना शुरू कर दिया उस समय से आज तक तमाम मुस्लिम देशों में वक्फ मंत्रालय होता है

आम तौर से वक्फ चार तरह के कामों में किया जाता है

दीनी मामलों में जैसे मस्जिद के लिए जमीन वक़्फ करना या जमीन पर मस्जिद तामीर करना उस में पानी हवा का इंतजाम करना या कुरआन व दूसरी किताबें रखना

स्वास्थ्य मामलों में जैसे अस्पताल बनवाना या अस्पताल के लिए कुछ ऐसा कर देना जिस से अस्पताल या मरीजों को फायदा मिलता रहे

शिक्षा समेत दूसरे समाजिक मामलों में जैसे स्कूल मदरसा कालेज बनवाना या उस के कुछ हिस्सों में खर्च करना

खैराती व चैरिटी के मामलों में यानी कुछ ऐसा करना जिस का फायदा गरीबों और आम लोगों को मिलता रहे

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