थाला किसी को शाबाशी देने के लिए गोद में उठा लें और फिर भावुक #dhoni

कहते हैं कि तस्वीरें बोलती हैं। 30 मई, 2023 की देर रात 2:00 बजे की यह तस्वीर कई रातें फैंस को सोने नहीं देगी। आंख लगते ही यह तस्वीर आपको जगा देगी और फिर खूबसूरत यादों के गहरे समंदर में ले जाएगी। कहने को तो रवींद्र जडेजा ने 6 गेंदों पर सिर्फ 15* रन बनाए, लेकिन ये रन बाकी सब पर भारी थे। पूरे 2 महीने चले IPL के सबसे महत्वपूर्ण 15 रन। हर ऑरेंज कैप पर भारी ये 15 रन। थाला किसी को शाबाशी देने के लिए गोद में उठा लें और फिर भावुक हो जाएं, यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ। वरना तो दुनिया माही को इमोशंस कंट्रोल करने वाले शख्स के तौर पर जानती है। उनपर हार और जीत का कभी फर्क नहीं पड़ा। 

CSK के लिए 10 IPL फाइनल में पांचवीं ट्रॉफी। यह जीत सिर्फ इतना सा बताती है कि महेंद्र सिंह धोनी की रणनीति आज भी क्रिकेट मैदान पर सबसे ज्यादा सटीक है। एक और चीज जो इस पूरे घटनाक्रम से निकल कर आई, वह ये कि अगर माही फाइनल हार जाते तो शायद अगले साल वापस IPL खेलने नहीं आते। जीत के बाद स्टेडियम में हर जुबान पर धोनी का नाम था। वही बेशुमार प्यार आंखों से आंसू बनकर बह निकला। हिंदुस्तानी क्रिकेट में आलोचकों का एक वर्ग महेंद्र सिंह धोनी को लंबे अरसे से रिटायरमेंट की सलाह देता रहा है। उनका कहना है कि माही अब क्रिकेट खेलने के लिए फिट नहीं हैं। वह अलग बात है कि माही कभी कुछ कहते नहीं हैं, लेकिन लोगों का मिजाज उन तक पहुंच जाता है।

माही ने जिंदगी भर जवाब प्रदर्शन से दिया है। वह भला अब तो बदलने से रहा। दूसरी हकीकत यह भी है कि उन आलोचकों की तुलना में कई गुना ज्यादा लोग अपने थाला से बेपनाह मोहब्बत करते हैं। हालांकि अगर CSK IPL 16 नहीं जीत पाती, तो बतौर खिलाड़ी धोनी के प्रदर्शन की जमकर आलोचना की जाती। उन्हें हार का विलेन करार दिया जाता। मोहित शर्मा की पहली ही गेंद को कवर्स के हाथ खेल कर बगैर खाता खोले वापस लौटे माही के खिलाफ हेट कैंपेन चलाया जाता। धोनी के आने के बाद CSK को जीत के लिए 13 गेंद पर 22 रनों की दरकार थी। माही का चेहरा उनके दिल का हाल बयां कर रहा था। अंतिम गेंद पर जब सिर्फ 4 रन बाकी बचे थे, धोनी ने अपनी आंखें मूंद लीं। शायद अपने ईश्वर से एक आखिरी बार प्रार्थना कर रहे थे। 

थाला को जीत का एहसास जडेजा के बल्ले से फाइन लेग बाउंड्री के बाहर जाती गेंद देखकर नहीं बल्कि अपने आसपास उठे शोर से हुआ। माही ने हल्की मुस्कुराहट के साथ अपने आसपास मौजूद लोगों से हाथ मिलाया। फिर धीरे से विकेट की ओर बढ़ चले। तभी रवींद्र जडेजा सामने पड़ गए। वही जडेजा जिनकी बदौलत थाला की प्रार्थना कबूल हो गई। धोनी खुद पर काबू नहीं कर सके और रवींद्र जडेजा को गोद में उठा लिया। आंसुओं का क्या है, वक्त की नजाकत देखे बगैर बह निकलते हैं। माही भावुक हो उठे। इस IPL के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स ने जहां भी मुकाबले खेले, सबसे ज्यादा CSK के समर्थक मैदान पर नजर आए। लोग धोनी को खेलते हुए देखना चाहते थे। उन्हें डर था कि अगले साल माही का दीदार हो ना हो! 

थाला ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरिमनी में कहा कि आप परिस्थिति के हिसाब से देखें, तो ये रिटायरमेंट अनाउंस करने का बेस्ट टाइम है। यह मेरे लिए बहुत आसान होगा कि मैं शुक्रिया बोलकर रिटायर हो जाऊं, लेकिन मेरे लिए कठिन काम ये है कि मैं 9 महीने कड़ी मेहनत कर एक और IPL सीजन खेलने की कोशिश करूं। CSK फैंस से मुझे जितना प्यार मिला है, मेरा एक और सीजन खेलना उनके लिए एक तोहफा होगा। जिस तरह से उन्होंने अपना प्यार और इमोशन दिखाया है, मुझे उनके लिए यह करना ही होगा। ये मेरे करियर का आखिरी हिस्सा है। यह यहीं से शुरू हुआ था और पूरा स्टेडियम मेरा नाम लेकर चिल्ला रहा था। उन सबके मुंह से अपना नाम सुनकर मैं भावुक हो गया। मैं अगले साल फिर से वापस आऊंगा। माही इज नॉट डन येट। अगले साल तक फैंस के लिए माही और सर जडेजा की यह बोलती तस्वीर काफी है। 🌻

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