बाकी कहने को बहुत कुछ आप थक जाएंगे सुबूत जो चाहिए वो मिल जाएंगे #दिल्ली_दंगा

नदीम खान की वाल से कुछ संशोधन के साथ

दिल्ली दंगे की आपबीती और आम आदमी सरकार 
जो कहा जायेगा उसका सुबूत दिया जाएगा

24 फरवरी 2020 में दिल्ली में दंगे शुरू हो गए थे 23 को सीलमपुर मेट्रो के प्रोटेस्ट के विरोध में कपिल मिश्रा दिल्ली पुलिस के सामने धमकी देते हैं। हर मामले में बोलने वाली केजरीवाल सरकार सन्नाटे में रहती है ।
वही सरकार जो किसान आंदोलन में अस्पताल से लेकर खाना पानी बांटती है, CAA आंदोलन को भाजपा का आंदोलन बताती है ।
24 को मैं ,योगेंद्र यादव ,एन्नी राजा, कविता श्रीवास्तव, अपूर्वानंद ,अंजलि ,सबा दीवान राहुल हम सब लोग मिलते हैं और सीलमपुर जाते हैं लेकिन वहाँ स्थिति काबू के बाहर हो चुकी होती है हम सब वापस आते हैं।
रात 9 बजे के आस पास हालात खराब हो चुके होते हैं, हम लोग भाग कर जॉइंट कमिश्नर देवेश श्रीवास्तव से मिलते हैं। तकरीबन एक घण्टे उनके साथ होते है उनको वीडियो कॉल में दिखाते हैं कि दंगाई किधर है लेकिन एक घण्टे में भी पुलिस नही पहुंचती।

वहाँ से मायूस होकर हम लोग 10.30 के आस पास मनीष सिसोदिया के घर पहुंचते हैं, उनको सूरते हाल बताते हैं।
उनका जवाब आज भी याद है nadeem i am same like you 
नदीम मैं भी तुम्हारी तरह हूँ कुछ नही कर सकता ।

फिर मैं उनसे कहता हूं कि आप और अरविंद अगर ये ट्वीट कर दें कि हम दंगा प्रभावित इलाकों में जा रहे हैं तो कम से कम पुलिस कुछ एक्शन में आएगी ।
मनीष कहते हैं--" मैं इसमें आपकी मदद नही कर सकता
 
वही उपमुख्यमंत्री जिसकी सरकार मरकज़ में केस करवाती है । सैकड़ो तब्लीग़ी भाइयो को तमाम जेलो में जिसकी वजह से जाना पड़ा, वो मुसलमान नाम आते ही एक्टिव हो जाती है ।
बहरहाल हम रात 2.30 बजे लेफ्टिनेंट गवर्नर के घर पहुंचते हसीन। वहां मौजूद आम आदमी के विधायक खालिद सैफी से ही लड़ जाते हैं।

अगले दिन ताहिर गिरफ्तार किए जाते हैं। आरोप ये है कि पुलिस को फोन करके मदद मांगा था।

गिरफ्तार होते ही आम आदमी पार्टी से सस्पेंड किया जाता है और पुलिस को इशारा किया जाता है कि सब इसके ऊपर ही डाल दो।

 वजह ये की तब तक केजरीवाल की मीटिंग अमित शाह से हो चुकी थी और केजरीवाल ये बयान दे चुके थे कि दिल्ली पुलिस से वो संतुष्ट हैं।

वही दिल्ली पुलिस जो डंडे मार कर राष्ट्र गान गवा रही थी और उसी में फैज़ान की मौत हुई 
बरहाल मान लिया कि पुलिस आपके हाथ मे नही है लेकिन अस्पताल तो आपके पास है।
 GTB हॉस्पिटल जो दिल्ली सरकार के हाथ मे है वहाँ मुस्लिम मरीज़ो का इलाज नही हुआ ।वहां से तमाम घायलों को अल शिफा लाया गया ।

अगले दिन खालिद सैफी गिरफ्तार हुए । आतिशी से मेरी मुलाकात खालिद भाई के अरेस्ट के कुछ दिन पहले खालिद भाई के घर मे हुई वो भाभी से मिली और खाना साथ हुआ 
जब खालिद अरेस्ट हुए तो भाभी ने आतिशी को फोन किया तो उन्होंने कहा कि उन पर पुलिस पर हमला करने का आरोप है । हम कुछ नहीं कर सकते । फोन काट दिया औऱ दुबारा फोन उठा नहीं।

पुलिस ने एम्बुलेन्स दंगे के इलाके में जाने नही दिया। इसके विरोध में आप सरकार को अदालत जाना चाहिए जबकि गए राहुल और मैंने फोन से वह के लोगो की बात करवाई जस्टिस मुरलीधर से ।

26 की शाम मुस्तफाबाद से फोन आया कि लोग भूखे हैं, जो शिवविहार से आये हैं।
हम लोगो ने आनन फानन 6 हज़ार पैकेट खाने के बनवाये। पुलिस ने पहले वादा किया फिर मना कर दिया ।उसके बाद दिल्ली सरकार के सारे दरवाज़े पर दस्तक दिया, लेकिन सब जगह कोई जवाब नही। वो खाना स्टेशन बस स्टैंड में बांट दिया गया।

बरहाल उसके बाद ईदगाह में कैम्प लगना था । ईदगाह में टेंट दिल्ली सरकार के लगे थे और कुछ नही।
 मैंने लोकल लोगो से बात करी उनसे बात करने के बाद 300 गद्दे 300 तकिया 300 कम्बल 300 चादर जमात इस्लामी ने दिए । खाना बनाने के बर्तन meem ngo ने दिए । जब बारिश हुई तो 300 फोल्डिंग बेड जामिया हमदर्द की टीम ने दिया ।
उसके बाद बैनर लगा वक़्फ़ बोर्ड का और सारी दुनिया से आया रिलीफ का सामान गेट पर जमा था।

फिर covid का नाम लेकर ईदगाह कैम्प को रातोंरात बन्द कर दिया गया । कुछ परिवार को rehablitation के नाम पर 5 हज़ार और कुछ को 3 हज़ार बाकी को टाटा बाए बाए, यानी कुछ नही ।

23 मार्च को हम लोग गए और बचे हुए परिवार को 2 महीने का किराया दिया गया जिसमें से काफी परिवार को लोकल mla के घर पर ही दिया गया।

A टीम और B टीम की सेटिंग से 1000 के ऊपर मुस्लिम युवा जेल गए सैकड़ो अभी भी जेल में है ।
कल मुझसे मिलने अकील आये थे जिनके केस हम देख रहे हैं। बोले 19 मुकदमो में फंसा दिया है ।2 साल बाद बाहर आये है और हर दिन कोर्ट जाना पड़ रहा है ।क्या करूँ क्या काम क्या धाम।

आम आदमी पार्टी के चक्कर दिल्ली से लेकर बहराइच और बैंगलोर तक तब्लीग जमात के लोग डेढ़ साल में रहे वकीलों के नंबर दिए जा सकते हैं। सब कुछ केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ ।

बाकी कहने को बहुत कुछ आप थक जाएंगे सुबूत जो चाहिए वो मिल जाएंगे ।
आप दिल्ली और गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी के इस ज़ुल्म को याद रखियेगा।

-पंकज भैया की वॉल से साभार । ये शर्मनाक है #Arvind_Kejriwal !

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