जब दुबई की बुनियाद रखने वाले शेख राशिद बिन अल मकतूम से उनके देश के भविष्य के बारे

जब दुबई की बुनियाद रखने वाले शेख राशिद बिन अल मकतूम से उनके देश के भविष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि मेरे दादा ऊंट की सवारी करते थे, मेरे पिता भी ऊंट की सवारी करते थे, मैं मर्सिडीज की सवारी करता हूं, मेरा बेटा लैंड रोवर की सवारी करता है।
  .....और मेरा पोता लैंड रोवर की सवारी करने जा रहा है लेकिन मेरे परपोते को फिर से ऊंट की सवारी करनी होगी। 
उसने पूछा क्यों? उनका जवाब था, "मुश्किल वक्त मजबूत आदमी पैदा करता है, मजबूत आदमी आसान वक्त पैदा करता है। आसान वक्त कमजोर आदमी पैदा करता है और कमजोर आदमी कठिन वक्त पैदा करता है।"

ज्यादातर लोग यह नहीं समझेंगे, लेकिन आपको बहादुर बनना होगा, न कि आरामतलब। हमने मुश्किलें देखी हैं और बच्चों के लिए चीजें आसान की हैं। हमारे बच्चों ने आसानी देखी है और वे परेशानिया पैदा कर रहे हैं।
कुदरत ने इंसान को इस दुनिया में मजे के लिए नहीं मेहनत के लिए बनाया है।
मेहनत इंसान को ताकतवर बनाती है और आराम इंसान को बीमार बनाता है। वह काम न करें जिसमें मेहनत की जरूरत न हो बल्कि मुश्किल काम करे !!

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जयपाल सिंह मुंडा झारखंड के खूंटी जिले में जन्मे थे. ( 3 जनवरी 1903 – 20 मार्च 1970). वे एक जाने माने राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद् और 1925 में ‘ऑक्सफर्ड ब्लू’ का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

راہ عزیمت کا مسافر(مجاہد دوراں سید مظفر حسین کچھوچھوی)

MANUU awards PhD to Amatur Rehman Maimoona