#जिओ_पॉलिटिक्सआज बात करते हैं श्रीलंका औऱ जापान मे शिंजो आबे मर्डर केस की

#जिओ_पॉलिटिक्स
आज बात करते हैं श्रीलंका औऱ जापान मे शिंजो आबे मर्डर केस की

जापान औऱ इंडिया मे कॉमन क्या हैं यदि वर्ल्ड के सियासी समीकरण को देखा जाए तो आप पायेंगे
जापान ऑस्ट्रेलिया अमरीका औऱ इंडिया का एक स्ट्रेटेजिक गठबंधन #QUAD जिसका एकमात्र उद्देश्य साउथ ईस्ट एशिया औऱ इंडिया पेसिफिक में चीन के बढ़ते प्रभुत्व को रोकना हैं.

शिंजो आबे बतौर पूर्व पीएम QUAD संगठन के नींव रखने वाले नेता थे, अतः चीन की आँखों में खटक रहें थे.

शिंजो आबे के कत्ल के बाद पूरे चीन में खुशियां मनाई जा रही हैं, चीन की राष्ट्रवादी जनता अपने नेता जिनपिंग के शह पर शिंजो आबे के हत्यारे को हीरो वीर बहादुर कह कर प्रोजेक्ट कर रही हैं,, जाहिर हैं हत्यारा जापानी मूल का होते हुए भी चाइनीज एजेंट होगा

एक तरह से चाइना ने शिंजो आबे के कत्ल से QUAD नेताओं को अपनी ताकत का अहसास करा दिया हैं

दूसरी तरफ आते हैं श्रीलंका के विषय पर
श्रीलंका औऱ इंडिया की समुद्री सीमा जहां अमरीका भी अपनी घुसपैठ करना चाहता हैं तो दूसरी तरफ चाइना पडोसी होने के नाते इस इलाके को अपना ही समझता हैं, श्रीलंका के बंदरगाहों पर चाइना की लम्बे समय से नजर रही हैं, श्रीलंका को कर्ज के मकड़जाल में फसाना औऱ वहाँ अपनी रणनीतिक चाल सधे हुए शतरंज खिलाडी की तरह चाइना चले जा रहा था, आज श्रीलंका में हुई उथलपुथल के पीछे सिर्फ चाइना का हाथ हैं, ज़ब अमरीका को लगा कि श्रीलंका अब हाथ से निकल चुका औऱ अफरातफरी पूरे शबाब पर हैं तो उसने भी श्रीलंका से हाथ खींच लिए.

श्रीलंका का अब क्या होगा
 कब हालात ठीक होंगे
फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता

जहां एक तरफ युक्रेन को युद्ध लड़ने के लिए हर कोई मदद भेज रहा हैं वहीं दूसरी तरफ भूखी मरती श्रीलंका की जनता को कोई कुछ देने को तैयार नहीं हैं.

गोटाबाया राजपक्षे का कुछ नहीं बिगड़ा, उनका करोड़ों डॉलर स्विस बैंक में होगा औऱ वो झोला उठा कर चल पड़े
भुगतना श्रीलंका की जनता को पड़ा जिसने राष्ट्रवाद धर्म की अफीम में डूब कर कॉमनसेंस को इग्नोर किया औऱ आज दुर्दशा के शिखर पर ख़डी हैं.

श्रीलंका के हालात इंडिया में कब आएंगे!!!
ईमानदारी से कहूँ तो कभी नहीं आएगा
इंडिया हर मामले में मजबूत हैं, सच कहूं तो मोदी यदि 2039 तक भी प्रधानमंत्री रहे तब भी हम श्रीलंका नहीं बन सकते.

चाइना हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं औऱ अफ़सोस कि हमारा राष्ट्रवाद पाकिस्तान के आगे शेर बन जाता हैं तो दूसरी तरफ चीन के आगे भीगी बिल्ली बन जाता हैं

भीगी बिल्ली क्यूं बनता हैं
क्यूंकि हमारे नेता चाइनीज दलाल हैं, चाइना कि मदद से चुनाव जीतते हैं कठपुतली हैं.

Note
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दिल्ली के स्विमिंग पूल में नहाना, बेडरूम में जा कर वियाग्रा कंडोम ढूंढना, किचन से मशरूम औऱ काजू ढूंढना, वार्डरोब से लेटेस्ट फैशन के कपडे खोजना, हॉल में नाचना वगैरह ये सब अफ़सोस कि हम भारतीय कभी नहीं कर पाएंगे
क्यूंकि इंडिया श्रीलंका कभी बन नहीं सकता.

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