डायलिसिस के दौरान ब्लड लाल नली से बाहर निकाला जाता है फिर मशीन

डायलिसिस के दौरान ब्लड लाल नली से बाहर निकाला जाता है फिर मशीन से उसे गुजारने के बाद ज़िस्म में दोबारा नीली नली से दाखिल कर दिया जाता है।

एक डायलिसिस के प्रोसेस तकरीबन चार घंटे चलता है और यह अमल मरीज़ को हफ्ते में दो से तीन मरतबा दोहराना पड़ता है।

जिन लोगों के गुर्दे सेहतमंद है उनके जिस्म में यही अमल खुद ब खुद दिन में 36 मरतबा होता है बिना किसी तकलीफ़ के और मुकम्मल आराम के साथ।

आप नहीं जानते कि हर पल हर दम करीम रब की किस क़दर नेमतें हम पर बरस रही है...तो हमेशा अल्लाह रब्बुल आलमीन का शुक्र अदा करते रहे...

और तुम अपने रब की कौन कौन सी नेमतों को झूठलाओगे!

تبارك الله احسن الخالقين°
Ya Allah ham sabhi ko tamam bimariyon se mehfooz farma aur Jo bimar hai unhe sehat ata farma ...
Aameen

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

راہ عزیمت کا مسافر(مجاہد دوراں سید مظفر حسین کچھوچھوی)

जयपाल सिंह मुंडा झारखंड के खूंटी जिले में जन्मे थे. ( 3 जनवरी 1903 – 20 मार्च 1970). वे एक जाने माने राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद् और 1925 में ‘ऑक्सफर्ड ब्लू’ का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

कोहली पुरानी वाली बुलेट हैं.. जो थोड़ी देर आराम से चलते हैं, धीरे धीरे गरम होते