कागज है जिसके होने से जिंदगी आसान होती है, इसे हलाल तरीके से ग्रहण करने पर सवाब भी मिलता है। इस्लाम में 5 सुतून है उनमें से 2 केवल उनके लिए है जिसके पास यह कागज़ है। 10 जन्नती

यह वो कागज है जिसके होने से जिंदगी आसान होती है, इसे हलाल तरीके से ग्रहण करने पर सवाब भी मिलता है। इस्लाम में 5 सुतून है उनमें से 2 केवल उनके लिए है जिसके पास यह कागज़ है। 10 जन्नती सहाबी में 5( मेरी जानकारी के मुताबिक) ऐसे कागजों के धनी थे। यह वो कागज है जो हमे साफ पानी, अच्छी डाइट, फिटमॉन्क खजूर, मुसली, शहद दिलवाता है। यही वह कागज़ है जो आपको Abbas Pathan और Abrar Multani जैसे लेखकों की किताबों से आपको परिचित करवा सकता है। यही कागज निकाह जैसी इबादत में दिया जाता है। इस कागज़ में इतना दम है कि यह औलाद के बाल साफ़, खतना और अकीका में काम आता है। यह कागज़ अपने मर चुके मालिको की औलादों का बेहतरीन दोस्त बन सकता है ( डिपेंड कि वह इसे कैसे ट्रीट करते है)। यही वह कागज़ है जिसके बल पर अक्षय कुमार, प्रीति जिंटा, खली सर और लाखो लोग औलादप्रेमी बने है

इस्लाम में इस कागज़ को अपनाना एक इबादत है हमे यह इबादत करना चाहिए। इस्लाम ने बकायदा पूरा कोर्स लॉन्च कर रखा है इस कागज़ पर। अल्लाह के खास बंदे इस कागज़ से नफरत नहीं करते वह तो इसे व्यय करके जन्नत में घर कैसे मिलेगा ,इसी सोच के साथ जीते है और इसके लिए वह गरीबों को खाना खिलाने से लेकर अपाहिजो के हाथ पैर लगवाते है

अल्लाह हम इस कागज़ का मालिक बनाए, यह इबादत में हम सबसे आगे आए।

इस काग़ज की इतनी फजीलत है तो अब आपको भी इस कागज़ के बदले में अपनी मुहब्बत, वफ़ादारियां, दोस्तियां, भाईचारा, इंसाफ़, ऐतमाद नही बेचना चाहिए क्योंकि ऐसा करने पर खस्सी आप साबित होते हो, यह कागज़ नही।

इस कागज़ को कैसे पाया जाए, नीचे एक लिंक है अगर इंट्रेस्ट है और जो आपको उल्टी विद्या बता रहा है वह खुद है तो इसके पीछे मगर आपको इसका मालिक बनते देख नही सकता।

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