अपनी गन्दी निगाह किसी औरत पर मत डालो more

एक आदमी था जिसने कभी अपने जीवन में कोई गैर औरत को नहीं देखा था, एक बार फिर उस आदमी के घर के हालत बोहत खराब हो गए थे । नौबत यहां तक ​​पहुंची कि घर में फाके हो गए । 

उस आदमी की एक जवान बेटी भी थी ,,, जब फाके हद से बढ़ गए तो वह लड़की अपने छोटे बहन भाई की हालत देखकर गलत कदम उठाने पर मजबूर हो गई, दिल में इरादा करके घर से निकली कि मैं अपना श"रीर बे"चू"गी और कुछ खाना खरीदूगी !! वे घर से बाजार जा पहुंची जिस्म बे"चने लड़की वहां गई और आकर्षक लोगों को आकर्षित करना शुरू कर दिया, लोगों को आकर्षित किया, लेकिन किसी ने भी उस पर ध्यान नहीं दिया।

ध्यान तो दूर किसी ने उसकी ओर निगाह तक उठा कर नहीं देखा, लोग आते और उसकी ओर नज़र उठाए बिना निकल जाते , इसी तरह खड़े खड़े लड़की को शाम हो गई, वह परेशान होकर घर की ओर कदम बढ़ाने लग गई ! जब घर पहुंची तो अपने पिता को परेशानी में देखा दरवाज़े पर बाप ने बेटी को देखा और पुछा "बेटी कहाँ गई थी?"

लड़की अपने पिता की बात सुन कर उनके पेरो में गिर कर रोने लगी और माफ़ी मांगने लगी और फिर रो रो कर सारा माजरा बयान किया कि पापा ..... मुझसे अपने भूख से बिलखते हुए भाई बहन की हालत देखी नहीं गई और मजबूर होकर जि"स्म बे"चने गयी थी लेकिन एक भी व्यक्ति ने भी मेरी तरफ़ नज़र तक उठाकर नहीं देखा !!

पूरी घटना सुनने के बाद पिता ने अपनी बेटी से कहा कि ,,, "बेटा तुम्हारे पिता ने आज तक कभी किसी गैर महिला को आंख उठाकर नहीं देखा तो यह कैसे संभव था कि कोई तुम्हे कैसे कोई नज़र उठाकर देखता !! इसलिए अपनी गन्दी निगाह किसी औरत पर मत डालो, क्योंकि नज़र गर्म बी"ज होता जैसा बोओगे कल को वैसा ही पाओगे।आज आप खबरदार करेंगे तो कल तुम्हारी औलाद महफूज़ रहेगी!!

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