अपने असली हीरो को पहचानिए.जिन्होंने ना इंसाफ़ी की आवाज़ को बिना जाति धर्म के भेदभाव को बुलंद किया है !ये हैं संदीप पांडेय

अपने असली हीरो को पहचानिए.जिन्होंने ना इंसाफ़ी की आवाज़ को बिना जाति धर्म के भेदभाव को बुलंद किया है !

ये हैं संदीप पांडेय 

संदीप भाई आईआईटी बीएचयू से पढ़े इंजीनियर हैं. उन्होंने अमेरिका की जानीमानी यूनिवर्सिटी ऑफ़ बर्कले से अप्लाइढ फ़िज़िक्स में पीएचडी की है. उन्होंने विज्ञान की किताबें लिखी हैं. उनकी रिसर्च की लोग आज भी दाद देते हैं. वो चाहते तो अमेरिका में रह कर आज बड़ी से बड़ी नौकरी कर रहे होते और करोड़ों डॉलर हर साल कमा रहे होते.

लेकिन पच्चीस साल पहले संदीप भाई ने अमेरिका त्याग दिया. खादी पहनाना शुरू किया और भारत लौट कर गाँव गाँव जाकर समाज सेवा का काम शुरू किया. संदीप भाई को मैंने तीन साल पहले अमेरिकी संसद में भाषण देने बुलाया था. जब एयरपोर्ट पर लेने पहुँचा तो वो हवाई चप्पल और खादी का कुर्ता-पायजामा पहन कर ही अमेरिका आए. और उसी लिबास में अमेरिका की संसद में तक़रीर की.

कल गुजरात के गोधरा में पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया. लेकिन वो निडर हैं. वो गोधरा गए हैं बिल्किस बानो के समर्थन में पदयात्रा करने.

अपने असली हीरो पहचानिए.

मज़लूम के हक़ की लड़ाई लड़ने वाला ही असली हीरो है. पर्दे पर नाचने वाला नहीं.

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